बी.डी. चौधरी(अपर निदेशक)
मानव जीवन में शैशवावस्था काल से जीवन पर्यन्त अपनी जिज्ञासा एवं व्यक्तिगत अनुभवों से निरन्तर व सतत प्रक्रिया के अन्तर्गत सीखता रहता है। परन्तु जब मानव संसाधन को ग्राम विकास क्षेत्र मे कार्य करने के लिए, क्षेत्र विशेष का दायित्व प्रदान किया जाता है, तत्क्रम में समय-समय पर नियमित अन्तरालों पर प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होती है। वस्तुतः प्रशिक्षण का लक्ष्य मानव संसाधन के कार्य कौशल व क्षमताओं का संवर्धन करना है, तथा उनके व्यक्तित्व विकास के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण भी परिवर्तित कराना है, जिससे कि भविष्य मंक प्रशिक्षण कार्यक्रमों व जागरूकता अभियानों के माध्यम से लक्षित समूहो को संवेदनशील व जवाबदेह बनाया जा सके।
अद्यतन आवश्यकतानुसार, समग्र रूप से, कार्यकुशलता में गुणवत्तापूर्ण वृद्धि हेतु तथा और प्रभावी जनसेवा प्रदान करने के लक्ष्य से जिन अन्य पक्षों की ओर विशेषरूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है, वे हैं सूचना प्रेषण और पर्यवेक्षण हेतु कम्प्यूटर व सॉफटवेयर का प्रयोग, वित्तीय व्यवस्था के निमित्त आंतरिक ऑडिट की व्यवस्था तथा अनुशासनिक कार्यवाही से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना, जिस हेतु संस्थान द्वारा उ0प्र0 राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों/कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
उपरोक्तानुसार दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा स्वयं व अपने प्रशासनिक नियंत्रणाधीन प्रदेश के समस्त पचास क्षेत्रीय/जिला ग्राम्य विकास संस्थानों के सहयोग से यथोचित स्तर पर ग्राम्य विकास, पंचायती राज, जलशक्ति, महिला, बाल विकास एवं पुष्टाहार सेवा, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उ0प्र0, राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार, यूनीसेफ, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार तथा विश्व बैंक द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन तथा जागरूकता अभियानों का क्रियान्वयन किया गया है।
तत्क्रम में आयोजित गतिविधियों के विवरण को अद्यतन सूचनाओं से आच्छादित व संकलित संग्रह से पूर्ण प्रगति आख्याओं को संस्थान की वेबसाइट में समाहित करते हुए संस्थान के अनुभवी कुशल अधिकारियों व कार्मिकों द्वारा मूर्तस्वरूप प्रदान किया गया है।
अतः मुझे शत-प्रातिशत विश्वास है कि संकलित प्रगति आख्याओं से आच्छादित संस्थान की वेबसाइट आप सभी सुधी पाठकों हेतु उपयोगी सिद्ध होगी।
अंततः प्रासंगिक व बहूमूल्य सुझावों की आशा में ........................!